अभी हाल ही में फुटबॉल के सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने यूरो चैम्पियनशिप के एक मैच के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में अपने सामने रखीं एक विश्व-विख्यात सॉफ्ट ड्रिंक की दोनों बोतलें एक तरफ हटा दीं. उसके बाद उन्होंने वहीं रखी पानी की बोतल को उठाकर पत्रकारों को दिखाते हुए कहा – “आगुवा!” यानी पानी! कुछ सेकेंडों में ही उन्होंने जता दिया कि सॉफ्ट ड्रिंक्स को लेकर उनका क्या नजरिया है. जबकि उक्त सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी यूरो कप का टॉप स्पांसर है।
रोनाल्डो की इस एक भगिमा ने यह किया कि कोकाकोला के शेयर गिरना शुरू हो गए. इस घटना का ऐसा जबरदस्त प्रभाव पड़ा कि कुछ ही घंटों के भीतर कम्पनी को चार बिलियन डॉलर यानी करीब 75 अरब(4billion) रुपयों का नुकसान हो गया. यह गिरावट अब भी जारी है.
एक इंटरव्यू में उनसे इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा, “चूंकि मैं खुद सॉफ्ट ड्रिंक नहीं पीता, मैं नहीं चाहूंगा कि कोई दूसरा बच्चा मेरी वजह से ऐसा करे. मैं कोई चिकित्सक नहीं हूं, लेकिन मुझे पता है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं और मैंने अपने मैनेजर को इस बारे में साफ-साफ कह रखा है कि मैं किसी भी ऐसे प्रॉडक्ट के साथ नहीं जुड़ूंगा, चाहे वह सॉफ्ट ड्रिंक हो या सिगरेट या शराब।
वैसे देखा जाए तो असल मे एक रोल मॉडल का कर्तव्य यही है कि वह अपने फॉलोवर्स के सामने उत्कृष्ट नैतिक आदर्श स्थापित करें और देश समाज मे युवाओं को अपनी संस्कृति को बाजारवाद की भेंट न चढ़ने दें।आधुनिक रोल मॉडल पैसे कमाने के चक्कर मे सही-गलत का अंतर ही भूल गए है।भारतीय रोल मॉडल को भी चाहिए कि वे रोनाल्डो की तरह उच्च नैतिक व्यवहार प्रस्तुत करके युवाओं के समक्ष आदर्श व्यवहार मानक स्थापित करें जिससे समाज को आदर्श प्रेरणा मिलें।
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